क्रांति अगर तलवार से होती तो समाज कभी सभ्य नही होते....क्रांति तो केवल विचारों से हो सकती है...जो सदैव जिंदा रहते है...लिहाजा अपनी तलवारों को अपनी मियान में रख,विचारों की क्रांति को जन्म देना चाहिए....