Saturday, November 6, 2010

हमार अंग्रेजी देवी मैय्या

हे ! अंग्रेजी देवी मैय्या हमार कल्याण करो…! ! !  हमका ज्ञान देवो... ! ! ! हाथ में पूजा का कलश लिए कल्याणी पूरी श्रृद्धा के साथ आंखें मूंद अंग्रेजी देवी की आराधना कर रही थी। कल्याणी दिन में दो बार अंग्रेजी देवी की पूजा किया करती है।

मां ! मां ! मां !... झुन्निया और रामप्रसाद ने घर में घुसते हुए मां को आवाज लगाई तो कल्याणी का ध्यान भंग हुआ।

काहे ! उधाम काट रहे हो... ! देखत नही हम पूजा कराईन।

मां को पूजा करते देख बच्चे भी पूजा में शामिल में हो गए और तीनों ने एक साथ जय अंग्रेजी देवी मैय्या की आरती ऊतारी।
 
हमारा नया मंदिर...
राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर लखीमपुरी खिरी जिले में एक दलित प्रधान गांव बनिका में रहने वाली कल्याणी एवं गांव के हर परिवार की यही इच्छा है कि उनके बच्चे अच्छी अंग्रेजी शिक्षा का ज्ञान अर्जित करे। जिसके लिए स्थानीय लोगों ने चंदा एकत्र कर 800 वर्गफूट की जमीन मंदिर बनाने के लिए खरीद ली है। यह मंदिर होगा अंग्रेजी देवी मैय्या का। इस अनोखी परंपरा के सूत्रधार कोई और नही बल्कि अंग्रेजी के प्रतिष्ठित स्तंभकार डॉक्टर चंद्रभान प्रसाद है। जिनकी प्रेरणा से अमर चंद्र जौहारी ने अंग्रेजी देवी के इस मंदिर को पूरा कराने का जिम्मा उठाया है। अमर जौहरी के मुताबिक,हमारा उद्देश्य दलित वर्ग के लोगों को रोजी-रोटी के बाज़ार में अंग्रेजी के महत्व को समझाना और उन्हे अंग्रेजी सिखने के लिए प्रेरित करना है।

कैसा होगा मंदिर...
देसी-विदेशी पत्रकारों के समाने 30 अप्रेल 2010 को अंग्रेजी देवी मैय्या के मंदिर का शिलान्यास हो चुका है। जो गांव में ही संचालित नालंदा पब्लिक शिक्षा निकेतन के आहदे में स्थापित होगा। मंदिर निर्माण के लिए कई राज्यों से पत्थर लाने का काम शुरू हो गया है। जिसमें काले ग्रेनाइट का भरपूर प्रयोग होगा। मंदिर की दीवारों पर बौद्ध चिन्ह धम्मा चक्र खुदा होगा साथ ही आधुनिक रूप देने के लिए इसकी दीवारों पर भौतिकी, रसायन और गाणित के फार्मूलों के साथ साथ अंग्रेजी भाषा में प्रयोग होने वाले सूत्र भी अंकित होगे। ताकि छात्र-छात्राएं ठीक प्रकार से इन्हे पहचान सके।  

देवी पहनेगी हेड...
तीन फूट ऊंची अंग्रेजी दैवी मैय्या की यह मूर्ति स्टेचू ऑफ लिबर्टी की तर्ज बनाई पर गई है जो आम भारतीय देवियों के विपरित है। अंग्रेजी देवी मैय्या को अंग्रेजी स्टाइल के कपड़े और सर पर हेड लगाए हुए हाथ में ज्ञान की ज्योति लिए खड़ा दिखाया गया है।

अंग्रेजी में होगी आरती...
मंदिर में सुबह-शाम आरती के लिए अंग्रेजी के अच्छे जानकार की तालाश जारी है जो सिर्फ अंग्रेजी में ही आरति कराएगा। फिलहाल बच्चे अभी स्वंय ही अंग्रेजी दैवी मैय्या की मूर्ति पर पुष्प चढाते हुए यह आरती करते हैं...
जय, जय अंग्रेजी मैय्या
हमार कल्याण कर मैय्या
हमार गांव में अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार कर
जय,जय अंग्रेजी मैय्या
हमार बच्चन को देवे ज्ञान-सुख-सागर
हमार कल्याण कर मैय्या
जय,जय अंग्रेजी मैय्या
जय, जय अंग्रेजी मैय्या

1 comment:

SANDEEP PANWAR said...

आपसे एक अनुरोध है कि आप अपने ब्लॉग की बैकगरांऊड बदलने का कष्ट करे,
पढने में परेशानी आ रही है।